प्रेमचंद ने हिन्दी में पहली बार गाँव और कृषक जीवन को अपने उपन्यास-लेखन का केंद्रीय विषय बनाया। “गोदान” के माध्यम से प्रेमचंद की उक्त औपन्यासिक-दृष्टि की सांस्कृतिक समीक्षा प्रस्तुत कीजिए।
(UPSC 2016, 15 Marks, )
प्रेमचंद ने हिन्दी में पहली बार गाँव और कृषक जीवन को अपने उपन्यास-लेखन का केंद्रीय विषय बनाया। “गोदान” के माध्यम से प्रेमचंद की उक्त औपन्यासिक-दृष्टि की सांस्कृतिक समीक्षा प्रस्तुत कीजिए।
प्रेमचंद ने हिन्दी में पहली बार गाँव और कृषक जीवन को अपने उपन्यास-लेखन का केंद्रीय विषय बनाया। “गोदान” के माध्यम से प्रेमचंद की उक्त औपन्यासिक-दृष्टि की सांस्कृतिक समीक्षा प्रस्तुत कीजिए।
(UPSC 2016, 15 Marks, )