‘स्कंदगुप्त’ के आधार पर प्रसाद की इतिहास-दृष्टि का विवेचन करते हुए उनकी नाट्य-कला की विशिष्टताओं का विश्लेषण कीजिए। (UPSC 2003, 60 Marks, )

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