“प्रसाद के नाटकों के नारी पात्र पुरुष पात्रों की अपेक्षा अधिक प्रभावपूर्ण शक्तिशाली हैं।” ‘चन्द्रगुप्त’ नाटक के आधार पर इस कथन की समीक्षा कीजिए। (UPSC 1990, 55 Marks, )

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