“कवित्व वर्णमय चित्र है, जो स्वर्गीय भावपूर्ण संगीत गाया करता है। अंधकार का आलोक से, सत् का असत् से, जड़ का चेतन से, और बाह्य जगत का अन्तर्जगत से सम्बन्ध कौन कराती है? कविता ही न!”
(UPSC 2013, 10 Marks, )
“कवित्व वर्णमय चित्र है, जो स्वर्गीय भावपूर्ण संगीत गाया करता है। अंधकार का आलोक से, सत् का असत् से, जड़ का चेतन से, और बाह्य जगत का अन्तर्जगत से सम्बन्ध कौन कराती है? कविता ही न!”
“कवित्व वर्णमय चित्र है, जो स्वर्गीय भावपूर्ण संगीत गाया करता है। अंधकार का आलोक से, सत् का असत् से, जड़ का चेतन से, और बाह्य जगत का अन्तर्जगत से सम्बन्ध कौन कराती है? कविता ही न!”
(UPSC 2013, 10 Marks, )