नियमों के अनुसार चलना आसान है और संसार ऐसे व्यक्तियों का आदर भी करता है, जो नियमानुसार चलते हैं। किन्तु जीवन बाध्य नहीं है कि वह आसान हो या आदर की पात्रता दे? जीवन इससे परे है, नियमों में नहीं बंधता और यशोलिप्सा से ऊँचा है..... जो नियमों से नहीं चलते, किन्तु नियमों की मूल प्रेरणा को समझकर अपना नियम स्वयं बनाते हैं, जीवन तो उन्हीं का है।
(UPSC 1982, 20 Marks, )
Enroll
Now
नियमों के अनुसार चलना आसान है और संसार ऐसे व्यक्तियों का आदर भी करता है, जो नियमानुसार चलते हैं। किन्तु जीवन बाध्य नहीं है कि वह आसान हो या आदर की पात्रता दे? जीवन इससे परे है, नियमों में नहीं बंधता और यशोलिप्सा से ऊँचा है..... जो नियमों से नहीं चलते, किन्तु नियमों की मूल प्रेरणा को समझकर अपना नियम स्वयं बनाते हैं, जीवन तो उन्हीं का है।
(UPSC 1982, 20 Marks, )