डारे ठोड़ी-गाड़, गहिं नैन-बटोही मारि। चिलक चौंध में रूप ठग, हाँसी-फाँसी डारि॥ तंत्रीनाद, कवित्त रस, सरस राग, रति-रंग। अनबूड़े बूड़े, तरे जे बूड़े सब अंग॥ (UPSC 2013, 10 Marks, )

डारे ठोड़ी-गाड़, गहिं नैन-बटोही मारि। चिलक चौंध में रूप ठग, हाँसी-फाँसी डारि॥ तंत्रीनाद, कवित्त रस, सरस राग, रति-रंग। अनबूड़े बूड़े, तरे जे बूड़े सब अंग॥