रीतिकालीन काव्य की स्वच्छंदतावादी प्रवृत्ति के स्वरूप को स्पष्ट करते हुए घनानन्द के काव्य की सोदाहरण विवेचना कीजिए। (UPSC 2009, 60 Marks, )

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