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  • हिन्दी साहित्य के इतिहास के चार कालों की साहित्यिक प्रवृत्तियाँ

    • हिन्दी साहित्य के इतिहास के चार कालों की साहित्यिक प्रवृत्तियाँ
      • भक्तिकालीन हिन्दी के विभिन्न रूप।
      • आदिकालीन साहित्य के अध्ययन की प्रमुख समस्याएँ लिखिए।
      • सिद्धों की 'अटपटी बानी' (संध्या भाषा)।
      • सिद्ध-नाथ साहित्य का भाषिक तथा साहित्यिक अवदान।
      • नाथ साहित्य।
      • हिंदी रासो काव्यों की प्रमुख विशेषताएँ।
      • रासोकाव्य : विकास और प्रवृत्तियाँ।
      • पृथ्वीराज रासो।
      • रासो काव्य-परम्परा का परिचय देते हुए पृथ्वीराज रासो की प्रामाणिकता पर प्रकाश डालिए।
      • विद्यापति की गंगा-भक्ति।
      • विद्यापति की कविताओं में व्यक्त भक्ति के स्वरूप का सोदाहरण विवेचन कीजिए।
      • विद्यापति की कविताओं में विद्यमान भक्ति-भावना।
      • विद्यापति की काव्य-कला का मूल्यांकन कीजिए।
      • विद्यापति की कविता की प्रमुख विशेषताएँ।
      • विद्यापति भक्तकवि हैं या श्रृंगारी कवि? सप्रमाण विवेचन कीजिए।
      • भक्ति रंगमंच का स्वरूप।
      • 'भक्ति' कविता में अभिव्यक्त भारतबोध को स्पष्ट करते हुए भाषाई और सांस्कृतिक समन्वय के चिह्नों को रेखांकित कीजिए।
      • भक्तिकालीन काव्य की प्रासंगिकता पर विचार कीजिए।
      • भक्तमाल।
      • संत काव्य-परंपरा का उल्लेख करते हुए उनकी प्रमुख प्रवृत्तियों की विवेचना कीजिए।
      • कबीर की काव्य-भाषा।
      • कबीर की प्रासंगिकता।
      • कबीर के काव्य पर निम्नलिखित दर्शनों के प्रभाव का विवेचन कीजिए : (क) भारतीय षड़्-दर्शन, (ख) जैन-बौद्ध दर्शन, (ग) इस्लाम और सूफ़ी दर्शन
      • कबीर की भक्ति।
      • हिंदी सूफी कवियों की लोकोन्मुखता
      • हिन्दी सूफी काव्य का सांस्कृतिक महत्त्व।
      • 'चंदायन' अथवा “मधुमालती' का प्रतिपाद्य।
      • सूफी-काव्यधारा के विकास को रेखांकित करते हुए जायसी के सांस्कृतिक प्रदेय का मूल्यांकन कीजिए।
      • जायसी की कविता और उसमें ध्वनित लोकचित्र।
      • पद्मावत में लोकतत्व।।
      • कृष्णभक्त मुसलिम कवयित्रियों की भक्ति-चेतना।
      • रासलीला की अखिल भारतीय व्याप्ति को स्पष्ट करते हुए इसके पाठ और प्रदर्शन पद्धति पर प्रकाश डालिए।
      • कृष्णभक्ति काव्य धारा के विकास में विविध संप्रदायों का योगदान।
      • मध्यकालीन कृष्ण भक्ति-काव्य।
      • पुष्टिमार्ग और अष्टछाप।
      • सूरदास का विरह-वर्णन।
      • सूरदास की कविता के आधार पर उनकी लोकचेतना पर प्रकाश डालिए।
      • अष्टछाप और सूरदास।
      • केशव का आचार्य।
      • ‘तुलसी का काव्य लोकमंगल की साधना है।’ इस कथन की समीक्षा कीजिए।
      • तुलसी की लोकमंगल सम्बन्धी अवधारणा।
      • गोस्वामी तुलसीदास रामराज्य के माध्यम से कल्याणकारी-राज्य का आदर्श उपस्थित करते हैं - मूल्यांकन कीजिए।
      • तुलसीदास की प्रासंगिकता।
      • ‘अयोध्याकांड’ के आधार पर तुलसी के भाव-सौन्दर्य पर प्रकाश डालिए।
      • तुलसी के काव्य पर विभिन्न भारतीय दर्शनों के प्रभाव का विवेचन कीजिए।
      • रीतिकालीन कवियों की श्रृंगार चेतना के गार्हस्थ्य-बोध का सोदाहरण विवेचन कीजिए।
      • रीतिकालीन कविता में प्रकृति।
      • रीतिबद्ध काव्य के स्वरूप को स्पष्ट करते हुए उसकी प्रमुख प्रवृत्तियों पर प्रकाश डालिए।
      • रीतिबद्ध काव्यधारा में केशवदास के कवि-कर्म का मूल्यांकन कीजिए।
      • रीतिबद्ध काव्य और रीतिमुक्त काव्य में क्या अन्तर है ? स्पष्ट कीजिए।
      • रीतिमुक्त कवियों की प्रणव चेतना।
      • केशव की संवाद-योजना की विशेषताएँ।
      • तुलसीदास और केशवदास की रामभक्ति से जुड़ी कविताओं में पृथकता के कारण।
      • केशव की संवाद-योजना।
      • बिहारी शृंगार रस के सर्वश्रेष्ठ कवि हैं। - इस कथन की सार्थकता सिद्ध कीजिए।
      • बिहारी का काव्य-वैभव।
      • बिहारी की काव्यगत विशेषताओं का विवेचन अनुभूति एवं अभिव्यक्ति - उभय दृष्टियों से कीजिए।
      • पद्माकर की काव्य-कला पर प्रकाश डालिए।
      • पद्माकर और देव की रीतिबद्ध कविता।
      • घनानंद की 'भाषा प्रवीणता' को स्पष्ट कीजिए।
      • घनानंद की काव्यगत विशेषताएँ।
      • प्रेम की पीर के कवि घनानंद।
      • घनानंद की कविता में व्यक्त स्वानुभूति और स्वच्छंदता का विवेचन कीजिए।
      • रीतिकालीन काव्य की स्वच्छंदतावादी प्रवृत्ति के स्वरूप को स्पष्ट करते हुए घनानन्द के काव्य की सोदाहरण विवेचना कीजिए।
      • “भारतीय नवजागरण हिन्दी गद्य के विकास की आधार-भूमि है।” इस कथन की समीक्षा कीजिए।
      • भारतेन्दु की राष्ट्रीय चेतना।
      • बालकृष्ण भट्ट एवं प्रताप नारायण मिश्र के वैशिष्ट्य को निर्धारित कीजिए।
      • हिन्दी गद्य के विकास में बालकृष्ण भट्ट का योगदान।
      • ‘हिन्दी प्रदीप’ के माध्यम से बालकृष्ण भट्ट का हिन्दी-पत्रकारिता को प्रदत्त योगदान।
      • “ब्राह्मण पत्र” के माध्यम से प्रताप नारायण मिश्र का हिन्दी-पत्रकारिता को प्रदत्त योगदान।
      • 'शब्द-काव्य की साधना के लिए वस्तु-काव्य का अनुशीलन परम आवश्यक है', इस कथन की व्याख्या कीजिए।
      • छायावादी काव्य की प्रमुख दो विशेषताएँ।
      • छायावाद में नवजागरण के स्वर।
      • माखन लाल चतुर्वेदी की कविता में सांस्कृतिक राष्ट्रीयता।
      • छायावादी साहित्य में क्या भारतीय नवजागरण की अभिव्यक्ति हुई है? हुई है तो कैसे?
      • छायावाद और भक्तिकाव्य।
      • छायावाद और कामायनी।
      • प्रयोगवादी कविता की भाषा।
      • प्रयोगवादी काव्यान्दोलन में अज्ञेय की भूमिका का विवेचन कीजिए।
      • प्रयोगवाद का हिन्दी कविता के विकास में क्या योगदान है? स्पष्ट कीजिए।
      • साठोत्तरी हिन्दी कविता में लयात्मकता के हास के कारण एवं परिणाम का सोदाहरण विवेचन कीजिए।
      • “नागार्जुन जनवादी कवि हैं” - इस कथन की तर्कसंगत व्याख्या कीजिए।
      • सांस्कृतिकता और राष्ट्रीयता के आधार पर मैथिलीशरण गुप्त और रामधारी सिंह दिनकर के काव्य का तुलनात्मक विवेचन कीजिए।
      • भारतीय साहित्य की उपेक्षिता नारी को अपना अधिकार दिलाकर मैथिलीशरण गुप्त ने नारी विमर्श को एक नवीन दिशा दी है - कैसे? समझाकर लिखिए।
      • “कामायनी” के आधार पर जयशंकर प्रसाद की सौन्दर्य-चेतना पर प्रकाश डालिए।
      • ‘जयशंकर प्रसाद और उनकी कामायनी’ विषय पर एक नातिदीर्घ समीक्षात्मक आलेख प्रस्तुत कीजिए।
      • जयशंकर “प्रसाद” की सौन्दर्य-चेतना।
      • 'निराला' की कविता का मुख्य स्वर स्पष्ट कीजिए।
      • निराला की काव्य चेतना।
      • दिनकर की काव्य-कृतियों में “उर्वशी” के प्रति आकर्षण के प्रमुख कारणों का उद्घाटन कीजिए।
      • 'दिनकर' की राष्ट्रीय-चेतना पर प्रकाश डालिए।
      • 'अज्ञेय' के काव्य की प्रमुख विशेषताओं का निरूपण कीजिए।
      • “तारसप्तक” का प्रकाशन हिन्दी कविता के इतिहास में एक ऐतिहासिक मोड़ था” – इस कथन का तर्कसंगत उत्तर दीजिए।
      • ‘अज्ञेय' की काव्य-भाषा पर एक संक्षिप्त लेख लिखिए।
      • अज्ञेय की कहानी की वस्तुगत और शिल्पगत विशेषतायें।
      • मुक्तिबोध की काव्य-संवेदना की प्रमुख विशेषताएँ स्पष्ट कीजिए।
      • नागार्जुन की कविताओं में भारतीय समाज की विसंगतियों और विडम्बनाओं को यथार्थ रूप में उकेरा गया है। स्पष्ट कीजिए।
      • नागार्जुन की कविताओं में भारतीय समाज की विसंगतियों और विडम्बनाओं को यथार्थ रूप में उकेरा गया है। स्पष्ट कीजिए।
      • नागार्जुन की काव्य-भाषा पर एक संक्षिप्त निबन्ध लिखिए।
      • जनकवि के रूप में नागार्जुन का मूल्याँकन कीजिए।
  1. PYQs and Practice Questions
  2. UPSC Optionals
  3. Hindi Literature Optional
  4. हिन्दी साहित्य के इतिहास के चार कालों की साहित्यिक प्रवृत्तियाँ
  5. हिन्दी साहित्य के इतिहास के चार कालों की साहित्यिक प्रवृत्तियाँ

भक्तिकालीन हिन्दी के विभिन्न रूप। (UPSC 2012, 12 Marks, )

भक्तिकालीन हिन्दी के विभिन्न रूप।
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आदिकालीन साहित्य के अध्ययन की प्रमुख समस्याएँ लिखिए। (UPSC 2023, 20 Marks, )

आदिकालीन साहित्य के अध्ययन की प्रमुख समस्याएँ लिखिए।
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सिद्धों की 'अटपटी बानी' (संध्या भाषा)। (UPSC 2012, 12 Marks, )

सिद्धों की 'अटपटी बानी' (संध्या भाषा)।
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सिद्ध-नाथ साहित्य का भाषिक तथा साहित्यिक अवदान। (UPSC 2018, 10 Marks, )

सिद्ध-नाथ साहित्य का भाषिक तथा साहित्यिक अवदान।
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नाथ साहित्य। (UPSC 2007, 20 Marks, )

नाथ साहित्य।
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हिंदी रासो काव्यों की प्रमुख विशेषताएँ। (UPSC 2023, 10 Marks, )

हिंदी रासो काव्यों की प्रमुख विशेषताएँ।
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रासोकाव्य : विकास और प्रवृत्तियाँ। (UPSC 2009, 20 Marks, )

रासोकाव्य : विकास और प्रवृत्तियाँ।
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पृथ्वीराज रासो। (UPSC 2007, 20 Marks, )

पृथ्वीराज रासो।
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रासो काव्य-परम्परा का परिचय देते हुए पृथ्वीराज रासो की प्रामाणिकता पर प्रकाश डालिए। (UPSC 2006, 60 Marks, )

रासो काव्य-परम्परा का परिचय देते हुए पृथ्वीराज रासो की प्रामाणिकता पर प्रकाश डालिए।
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विद्यापति की गंगा-भक्ति। (UPSC 2024, 10 Marks, )

विद्यापति की गंगा-भक्ति।
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विद्यापति की कविताओं में व्यक्त भक्ति के स्वरूप का सोदाहरण विवेचन कीजिए। (UPSC 2018, 20 Marks, )

विद्यापति की कविताओं में व्यक्त भक्ति के स्वरूप का सोदाहरण विवेचन कीजिए।
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विद्यापति की कविताओं में विद्यमान भक्ति-भावना। (UPSC 2016, 10 Marks, )

विद्यापति की कविताओं में विद्यमान भक्ति-भावना।
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विद्यापति की काव्य-कला का मूल्यांकन कीजिए। (UPSC 2015, 20 Marks, )

विद्यापति की काव्य-कला का मूल्यांकन कीजिए।
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विद्यापति की कविता की प्रमुख विशेषताएँ। (UPSC 2013, 10 Marks, )

विद्यापति की कविता की प्रमुख विशेषताएँ।
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विद्यापति भक्तकवि हैं या श्रृंगारी कवि? सप्रमाण विवेचन कीजिए। (UPSC 2008, 60 Marks, )

विद्यापति भक्तकवि हैं या श्रृंगारी कवि? सप्रमाण विवेचन कीजिए।
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भक्ति रंगमंच का स्वरूप। (UPSC 2024, 10 Marks, )

भक्ति रंगमंच का स्वरूप।
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'भक्ति' कविता में अभिव्यक्त भारतबोध को स्पष्ट करते हुए भाषाई और सांस्कृतिक समन्वय के चिह्नों को रेखांकित कीजिए। (UPSC 2024, 20 Marks, )

'भक्ति' कविता में अभिव्यक्त भारतबोध को स्पष्ट करते हुए भाषाई और सांस्कृतिक समन्वय के चिह्नों को रेखांकित कीजिए।
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भक्तिकालीन काव्य की प्रासंगिकता पर विचार कीजिए। (UPSC 2014, 15 Marks, )

भक्तिकालीन काव्य की प्रासंगिकता पर विचार कीजिए।
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भक्तमाल। (UPSC 2011, 20 Marks, )

भक्तमाल।
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संत काव्य-परंपरा का उल्लेख करते हुए उनकी प्रमुख प्रवृत्तियों की विवेचना कीजिए। (UPSC 2007, 60 Marks, )

संत काव्य-परंपरा का उल्लेख करते हुए उनकी प्रमुख प्रवृत्तियों की विवेचना कीजिए।
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कबीर की काव्य-भाषा। (UPSC 2022, 10 Marks, )

कबीर की काव्य-भाषा।
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कबीर की प्रासंगिकता। (UPSC 2021, 10 Marks, )

कबीर की प्रासंगिकता।
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कबीर के काव्य पर निम्नलिखित दर्शनों के प्रभाव का विवेचन कीजिए : (क) भारतीय षड़्-दर्शन, (ख) जैन-बौद्ध दर्शन, (ग) इस्लाम और सूफ़ी दर्शन (UPSC 2010, 60 Marks, )

कबीर के काव्य पर निम्नलिखित दर्शनों के प्रभाव का विवेचन कीजिए : (क) भारतीय षड़्-दर्शन, (ख) जैन-बौद्ध दर्शन, (ग) इस्लाम और सूफ़ी दर्शन
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कबीर की भक्ति। (UPSC 2006, 20 Marks, )

कबीर की भक्ति।
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हिंदी सूफी कवियों की लोकोन्मुखता (UPSC 2023, 10 Marks, )

हिंदी सूफी कवियों की लोकोन्मुखता
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हिन्दी सूफी काव्य का सांस्कृतिक महत्त्व। (UPSC 2016, 10 Marks, )

हिन्दी सूफी काव्य का सांस्कृतिक महत्त्व।
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'चंदायन' अथवा “मधुमालती' का प्रतिपाद्य। (UPSC 2010, 20 Marks, )

'चंदायन' अथवा “मधुमालती' का प्रतिपाद्य।
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सूफी-काव्यधारा के विकास को रेखांकित करते हुए जायसी के सांस्कृतिक प्रदेय का मूल्यांकन कीजिए। (UPSC 2009, 60 Marks, )

सूफी-काव्यधारा के विकास को रेखांकित करते हुए जायसी के सांस्कृतिक प्रदेय का मूल्यांकन कीजिए।
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जायसी की कविता और उसमें ध्वनित लोकचित्र। (UPSC 2013, 20 Marks, )

जायसी की कविता और उसमें ध्वनित लोकचित्र।
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पद्मावत में लोकतत्व।। (UPSC 2011, 20 Marks, )

पद्मावत में लोकतत्व।।
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कृष्णभक्त मुसलिम कवयित्रियों की भक्ति-चेतना। (UPSC 2024, 10 Marks, )

कृष्णभक्त मुसलिम कवयित्रियों की भक्ति-चेतना।
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रासलीला की अखिल भारतीय व्याप्ति को स्पष्ट करते हुए इसके पाठ और प्रदर्शन पद्धति पर प्रकाश डालिए। (UPSC 2024, 15 Marks, )

रासलीला की अखिल भारतीय व्याप्ति को स्पष्ट करते हुए इसके पाठ और प्रदर्शन पद्धति पर प्रकाश डालिए।
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कृष्णभक्ति काव्य धारा के विकास में विविध संप्रदायों का योगदान। (UPSC 2018, 10 Marks, )

कृष्णभक्ति काव्य धारा के विकास में विविध संप्रदायों का योगदान।
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मध्यकालीन कृष्ण भक्ति-काव्य। (UPSC 2008, 20 Marks, )

मध्यकालीन कृष्ण भक्ति-काव्य।
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पुष्टिमार्ग और अष्टछाप। (UPSC 2009, 20 Marks, )

पुष्टिमार्ग और अष्टछाप।
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सूरदास का विरह-वर्णन। (UPSC 2022, 10 Marks, )

सूरदास का विरह-वर्णन।
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सूरदास की कविता के आधार पर उनकी लोकचेतना पर प्रकाश डालिए। (UPSC 2015, 15 Marks, )

सूरदास की कविता के आधार पर उनकी लोकचेतना पर प्रकाश डालिए।
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अष्टछाप और सूरदास। (UPSC 2006, 20 Marks, )

अष्टछाप और सूरदास।
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केशव का आचार्य। (UPSC 2008, 20 Marks, )

केशव का आचार्य।
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‘तुलसी का काव्य लोकमंगल की साधना है।’ इस कथन की समीक्षा कीजिए। (UPSC 2023, 20 Marks, )

‘तुलसी का काव्य लोकमंगल की साधना है।’ इस कथन की समीक्षा कीजिए।
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तुलसी की लोकमंगल सम्बन्धी अवधारणा। (UPSC 2019, 10 Marks, )

तुलसी की लोकमंगल सम्बन्धी अवधारणा।
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गोस्वामी तुलसीदास रामराज्य के माध्यम से कल्याणकारी-राज्य का आदर्श उपस्थित करते हैं - मूल्यांकन कीजिए। (UPSC 2018, 15 Marks, )

गोस्वामी तुलसीदास रामराज्य के माध्यम से कल्याणकारी-राज्य का आदर्श उपस्थित करते हैं - मूल्यांकन कीजिए।
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तुलसीदास की प्रासंगिकता। (UPSC 2017, 10 Marks, )

तुलसीदास की प्रासंगिकता।
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‘अयोध्याकांड’ के आधार पर तुलसी के भाव-सौन्दर्य पर प्रकाश डालिए। (UPSC 2013, 15 Marks, )

‘अयोध्याकांड’ के आधार पर तुलसी के भाव-सौन्दर्य पर प्रकाश डालिए।
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तुलसी के काव्य पर विभिन्न भारतीय दर्शनों के प्रभाव का विवेचन कीजिए। (UPSC 2012, 30 Marks, )

तुलसी के काव्य पर विभिन्न भारतीय दर्शनों के प्रभाव का विवेचन कीजिए।
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रीतिकालीन कवियों की श्रृंगार चेतना के गार्हस्थ्य-बोध का सोदाहरण विवेचन कीजिए। (UPSC 2024, 15 Marks, )

रीतिकालीन कवियों की श्रृंगार चेतना के गार्हस्थ्य-बोध का सोदाहरण विवेचन कीजिए।
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रीतिकालीन कविता में प्रकृति। (UPSC 2019, 10 Marks, )

रीतिकालीन कविता में प्रकृति।
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रीतिबद्ध काव्य के स्वरूप को स्पष्ट करते हुए उसकी प्रमुख प्रवृत्तियों पर प्रकाश डालिए। (UPSC 2008, 60 Marks, )

रीतिबद्ध काव्य के स्वरूप को स्पष्ट करते हुए उसकी प्रमुख प्रवृत्तियों पर प्रकाश डालिए।
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रीतिबद्ध काव्यधारा में केशवदास के कवि-कर्म का मूल्यांकन कीजिए। (UPSC 2021, 20 Marks, )

रीतिबद्ध काव्यधारा में केशवदास के कवि-कर्म का मूल्यांकन कीजिए।
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रीतिबद्ध काव्य और रीतिमुक्त काव्य में क्या अन्तर है ? स्पष्ट कीजिए। (UPSC 2011, 30 Marks, )

रीतिबद्ध काव्य और रीतिमुक्त काव्य में क्या अन्तर है ? स्पष्ट कीजिए।
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रीतिमुक्त कवियों की प्रणव चेतना। (UPSC 2018, 10 Marks, )

रीतिमुक्त कवियों की प्रणव चेतना।
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केशव की संवाद-योजना की विशेषताएँ। (UPSC 2017, 10 Marks, )

केशव की संवाद-योजना की विशेषताएँ।
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तुलसीदास और केशवदास की रामभक्ति से जुड़ी कविताओं में पृथकता के कारण। (UPSC 2016, 10 Marks, )

तुलसीदास और केशवदास की रामभक्ति से जुड़ी कविताओं में पृथकता के कारण।
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केशव की संवाद-योजना। (UPSC 2015, 10 Marks, )

केशव की संवाद-योजना।
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बिहारी शृंगार रस के सर्वश्रेष्ठ कवि हैं। - इस कथन की सार्थकता सिद्ध कीजिए। (UPSC 2022, 20 Marks, )

बिहारी शृंगार रस के सर्वश्रेष्ठ कवि हैं। - इस कथन की सार्थकता सिद्ध कीजिए।
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बिहारी का काव्य-वैभव। (UPSC 2021, 10 Marks, )

बिहारी का काव्य-वैभव।
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बिहारी की काव्यगत विशेषताओं का विवेचन अनुभूति एवं अभिव्यक्ति - उभय दृष्टियों से कीजिए। (UPSC 2015, 15 Marks, )

बिहारी की काव्यगत विशेषताओं का विवेचन अनुभूति एवं अभिव्यक्ति - उभय दृष्टियों से कीजिए।
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पद्माकर की काव्य-कला पर प्रकाश डालिए। (UPSC 2014, 20 Marks, )

पद्माकर की काव्य-कला पर प्रकाश डालिए।
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पद्माकर और देव की रीतिबद्ध कविता। (UPSC 2012, 12 Marks, )

पद्माकर और देव की रीतिबद्ध कविता।
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घनानंद की 'भाषा प्रवीणता' को स्पष्ट कीजिए। (UPSC 2023, 15 Marks, )

घनानंद की 'भाषा प्रवीणता' को स्पष्ट कीजिए।
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घनानंद की काव्यगत विशेषताएँ। (UPSC 2014, 10 Marks, )

घनानंद की काव्यगत विशेषताएँ।
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प्रेम की पीर के कवि घनानंद। (UPSC 2013, 10 Marks, )

प्रेम की पीर के कवि घनानंद।
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घनानंद की कविता में व्यक्त स्वानुभूति और स्वच्छंदता का विवेचन कीजिए। (UPSC 2020, 15 Marks, )

घनानंद की कविता में व्यक्त स्वानुभूति और स्वच्छंदता का विवेचन कीजिए।
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रीतिकालीन काव्य की स्वच्छंदतावादी प्रवृत्ति के स्वरूप को स्पष्ट करते हुए घनानन्द के काव्य की सोदाहरण विवेचना कीजिए। (UPSC 2009, 60 Marks, )

रीतिकालीन काव्य की स्वच्छंदतावादी प्रवृत्ति के स्वरूप को स्पष्ट करते हुए घनानन्द के काव्य की सोदाहरण विवेचना कीजिए।
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“भारतीय नवजागरण हिन्दी गद्य के विकास की आधार-भूमि है।” इस कथन की समीक्षा कीजिए। (UPSC 2020, 15 Marks, )

“भारतीय नवजागरण हिन्दी गद्य के विकास की आधार-भूमि है।” इस कथन की समीक्षा कीजिए।
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भारतेन्दु की राष्ट्रीय चेतना। (UPSC 2014, 10 Marks, )

भारतेन्दु की राष्ट्रीय चेतना।
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बालकृष्ण भट्ट एवं प्रताप नारायण मिश्र के वैशिष्ट्य को निर्धारित कीजिए। (UPSC 2023, 15 Marks, )

बालकृष्ण भट्ट एवं प्रताप नारायण मिश्र के वैशिष्ट्य को निर्धारित कीजिए।
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हिन्दी गद्य के विकास में बालकृष्ण भट्ट का योगदान। (UPSC 2016, 10 Marks, )

हिन्दी गद्य के विकास में बालकृष्ण भट्ट का योगदान।
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‘हिन्दी प्रदीप’ के माध्यम से बालकृष्ण भट्ट का हिन्दी-पत्रकारिता को प्रदत्त योगदान। (UPSC 2015, 10 Marks, )

‘हिन्दी प्रदीप’ के माध्यम से बालकृष्ण भट्ट का हिन्दी-पत्रकारिता को प्रदत्त योगदान।
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Introduction
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“ब्राह्मण पत्र” के माध्यम से प्रताप नारायण मिश्र का हिन्दी-पत्रकारिता को प्रदत्त योगदान। (UPSC 2017, 10 Marks, )

“ब्राह्मण पत्र” के माध्यम से प्रताप नारायण मिश्र का हिन्दी-पत्रकारिता को प्रदत्त योगदान।
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'शब्द-काव्य की साधना के लिए वस्तु-काव्य का अनुशीलन परम आवश्यक है', इस कथन की व्याख्या कीजिए। (UPSC 2011, 30 Marks, )

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छायावादी काव्य की प्रमुख दो विशेषताएँ। (UPSC 2019, 10 Marks, )

छायावादी काव्य की प्रमुख दो विशेषताएँ।
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छायावाद में नवजागरण के स्वर। (UPSC 2013, 10 Marks, )

छायावाद में नवजागरण के स्वर।
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माखन लाल चतुर्वेदी की कविता में सांस्कृतिक राष्ट्रीयता। (UPSC 2012, 12 Marks, )

माखन लाल चतुर्वेदी की कविता में सांस्कृतिक राष्ट्रीयता।
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छायावादी साहित्य में क्या भारतीय नवजागरण की अभिव्यक्ति हुई है? हुई है तो कैसे? (UPSC 2010, 30 Marks, )

छायावादी साहित्य में क्या भारतीय नवजागरण की अभिव्यक्ति हुई है? हुई है तो कैसे?
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छायावाद और भक्तिकाव्य। (UPSC 2009, 20 Marks, )

छायावाद और भक्तिकाव्य।
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छायावाद और कामायनी। (UPSC 2008, 20 Marks, )

छायावाद और कामायनी।
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प्रयोगवादी कविता की भाषा। (UPSC 2024, 10 Marks, )

प्रयोगवादी कविता की भाषा।
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प्रयोगवादी काव्यान्दोलन में अज्ञेय की भूमिका का विवेचन कीजिए। (UPSC 2012, 30 Marks, )

प्रयोगवादी काव्यान्दोलन में अज्ञेय की भूमिका का विवेचन कीजिए।
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प्रयोगवाद का हिन्दी कविता के विकास में क्या योगदान है? स्पष्ट कीजिए। (UPSC 2011, 30 Marks, )

प्रयोगवाद का हिन्दी कविता के विकास में क्या योगदान है? स्पष्ट कीजिए।
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साठोत्तरी हिन्दी कविता में लयात्मकता के हास के कारण एवं परिणाम का सोदाहरण विवेचन कीजिए। (UPSC 2024, 15 Marks, )

साठोत्तरी हिन्दी कविता में लयात्मकता के हास के कारण एवं परिणाम का सोदाहरण विवेचन कीजिए।
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“नागार्जुन जनवादी कवि हैं” - इस कथन की तर्कसंगत व्याख्या कीजिए। (UPSC 2022, 20 Marks, )

“नागार्जुन जनवादी कवि हैं” - इस कथन की तर्कसंगत व्याख्या कीजिए।
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सांस्कृतिकता और राष्ट्रीयता के आधार पर मैथिलीशरण गुप्त और रामधारी सिंह दिनकर के काव्य का तुलनात्मक विवेचन कीजिए। (UPSC 2010, 30 Marks, )

सांस्कृतिकता और राष्ट्रीयता के आधार पर मैथिलीशरण गुप्त और रामधारी सिंह दिनकर के काव्य का तुलनात्मक विवेचन कीजिए।
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भारतीय साहित्य की उपेक्षिता नारी को अपना अधिकार दिलाकर मैथिलीशरण गुप्त ने नारी विमर्श को एक नवीन दिशा दी है - कैसे? समझाकर लिखिए। (UPSC 2018, 15 Marks, )

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“कामायनी” के आधार पर जयशंकर प्रसाद की सौन्दर्य-चेतना पर प्रकाश डालिए। (UPSC 2017, 20 Marks, )

“कामायनी” के आधार पर जयशंकर प्रसाद की सौन्दर्य-चेतना पर प्रकाश डालिए।
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‘जयशंकर प्रसाद और उनकी कामायनी’ विषय पर एक नातिदीर्घ समीक्षात्मक आलेख प्रस्तुत कीजिए। (UPSC 2016, 20 Marks, )

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जयशंकर “प्रसाद” की सौन्दर्य-चेतना। (UPSC 2014, 10 Marks, )

जयशंकर “प्रसाद” की सौन्दर्य-चेतना।
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'निराला' की कविता का मुख्य स्वर स्पष्ट कीजिए। (UPSC 2023, 15 Marks, )

'निराला' की कविता का मुख्य स्वर स्पष्ट कीजिए।
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निराला की काव्य चेतना। (UPSC 2011, 20 Marks, )

निराला की काव्य चेतना।
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दिनकर की काव्य-कृतियों में “उर्वशी” के प्रति आकर्षण के प्रमुख कारणों का उद्घाटन कीजिए। (UPSC 2016, 15 Marks, )

दिनकर की काव्य-कृतियों में “उर्वशी” के प्रति आकर्षण के प्रमुख कारणों का उद्घाटन कीजिए।
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'दिनकर' की राष्ट्रीय-चेतना पर प्रकाश डालिए। (UPSC 2015, 20 Marks, )

'दिनकर' की राष्ट्रीय-चेतना पर प्रकाश डालिए।
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'अज्ञेय' के काव्य की प्रमुख विशेषताओं का निरूपण कीजिए। (UPSC 2022, 20 Marks, )

'अज्ञेय' के काव्य की प्रमुख विशेषताओं का निरूपण कीजिए।
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“तारसप्तक” का प्रकाशन हिन्दी कविता के इतिहास में एक ऐतिहासिक मोड़ था” – इस कथन का तर्कसंगत उत्तर दीजिए। (UPSC 2017, 15 Marks, )

“तारसप्तक” का प्रकाशन हिन्दी कविता के इतिहास में एक ऐतिहासिक मोड़ था” – इस कथन का तर्कसंगत उत्तर दीजिए।
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‘अज्ञेय' की काव्य-भाषा पर एक संक्षिप्त लेख लिखिए। (UPSC 2014, 15 Marks, )

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अज्ञेय की कहानी की वस्तुगत और शिल्पगत विशेषतायें। (UPSC 2010, 20 Marks, )

अज्ञेय की कहानी की वस्तुगत और शिल्पगत विशेषतायें।
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मुक्तिबोध की काव्य-संवेदना की प्रमुख विशेषताएँ स्पष्ट कीजिए। (UPSC 2021, 15 Marks, )

मुक्तिबोध की काव्य-संवेदना की प्रमुख विशेषताएँ स्पष्ट कीजिए।
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नागार्जुन की कविताओं में भारतीय समाज की विसंगतियों और विडम्बनाओं को यथार्थ रूप में उकेरा गया है। स्पष्ट कीजिए। (UPSC 2019, 15 Marks, )

नागार्जुन की कविताओं में भारतीय समाज की विसंगतियों और विडम्बनाओं को यथार्थ रूप में उकेरा गया है। स्पष्ट कीजिए।
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नागार्जुन की कविताओं में भारतीय समाज की विसंगतियों और विडम्बनाओं को यथार्थ रूप में उकेरा गया है। स्पष्ट कीजिए। (UPSC 2019, 15 Marks, )

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नागार्जुन की काव्य-भाषा पर एक संक्षिप्त निबन्ध लिखिए। (UPSC 2015, 15 Marks, )

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जनकवि के रूप में नागार्जुन का मूल्याँकन कीजिए। (UPSC 2011, 30 Marks, )

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