रामवास वन संपति भ्राजा। सुखी प्रजा जनु पाई सुराजा। सचिव विरागु विवेक नरेसू। विपिन सुहावन पावन देसू। भट जम नियम सैल रजधानी। सांति सुमति सुचि सुंदर रानी।। सकल अंग संपन्न सुराऊ। रामचरन आश्रित चित चाऊ। जीति मोह महिपालु दल सहित विवेक भुआलु। करत अकटंक राज पुर सुख संपदा सुकालु।। (UPSC 1996, 20 Marks, )

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