“'शेखर : एक जीवनी' व्यक्ति-स्वातंत्र्य और समाज के मध्य अन्तरद्वन्द्व और संघर्ष की कहानी है।” इस कथन से आप कहाँ तक सहमत हैं? स्पष्ट कीजिए। (UPSC 1997, 55 Marks, )

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