खेलन सिखए, अलि, भलै चतुर अहेरी मार। कानन-चारी नैन-मृग नागर नरनु सिकार ॥ लग्यो सुमनु है है सफलु, आतप-रोसु निवारि। बारी, बारी आपनी सींचि सुहृदता-बारि॥ (UPSC 2020, 10 Marks, )

खेलन सिखए, अलि, भलै चतुर अहेरी मार। कानन-चारी नैन-मृग नागर नरनु सिकार ॥ लग्यो सुमनु है है सफलु, आतप-रोसु निवारि। बारी, बारी आपनी सींचि सुहृदता-बारि॥