बचन बिकार, करतबऊ खुआर, मन बिगत-बिचार, कलिमल को निधानु है। राम को कहाइ, नाम बेचि बेचि खाइ, सेवा संगति न जाइ पाछिलें को उपखानु है। ते हू ‘तुलसी’ को लोग भलो भलो कहैं, ताको दूसरो न हेतु, एक नीके कै निदान है। लोकरीति बिदित बिलोकियत जहाँ तहाँ, स्वामी के सनेह स्वानहू को सनमानु है॥
(UPSC 1991, 20 Marks, )
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बचन बिकार, करतबऊ खुआर, मन बिगत-बिचार, कलिमल को निधानु है। राम को कहाइ, नाम बेचि बेचि खाइ, सेवा संगति न जाइ पाछिलें को उपखानु है। ते हू ‘तुलसी’ को लोग भलो भलो कहैं, ताको दूसरो न हेतु, एक नीके कै निदान है। लोकरीति बिदित बिलोकियत जहाँ तहाँ, स्वामी के सनेह स्वानहू को सनमानु है॥
(UPSC 1991, 20 Marks, )