अवहट्ट का व्याकरणिक स्वरूप एवं अपभ्रंश के विकास में उसकी स्थिति को स्पष्ट करते हुए हिन्दी में उसका योगदान निरूपित कीजिए। (UPSC 1989, 60 Marks, )

Enroll Now