सूर के काव्य में जितनी सहृदयता है उतनी ही वाग्विदग्धता भी। स्पष्ट कीजिए। (UPSC 2015, 20 Marks, )

सूर के काव्य में जितनी सहृदयता है उतनी ही वाग्विदग्धता भी। स्पष्ट कीजिए।