जिस तरह से अपने ललित निबंधों में कुबेरनाथ राय भारत ही नहीं, विश्व-भर के नये-पुराने रूपों को हृदय और बुद्धि की कसौटी पर जाँचते हैं, निबंध-क्षेत्र के लिए यह नया बौद्धिक रस संजीवनी बना है—इसका विवेचन कीजिए।
(UPSC 2013, 25 Marks, )
जिस तरह से अपने ललित निबंधों में कुबेरनाथ राय भारत ही नहीं, विश्व-भर के नये-पुराने रूपों को हृदय और बुद्धि की कसौटी पर जाँचते हैं, निबंध-क्षेत्र के लिए यह नया बौद्धिक रस संजीवनी बना है—इसका विवेचन कीजिए।
जिस तरह से अपने ललित निबंधों में कुबेरनाथ राय भारत ही नहीं, विश्व-भर के नये-पुराने रूपों को हृदय और बुद्धि की कसौटी पर जाँचते हैं, निबंध-क्षेत्र के लिए यह नया बौद्धिक रस संजीवनी बना है—इसका विवेचन कीजिए।
(UPSC 2013, 25 Marks, )