पीछै लागा जाइ था, लोक वेद के साथि। आगै थैं सतगुर मिल्या, दीपक दीया हाथि॥ दीपक दीया तेल भरि, बाती दई साँच। पूरा किया बिसाहुणां, बहुरि न आँवौं हाट॥ (UPSC 2022, 10 Marks, )

पीछै लागा जाइ था, लोक वेद के साथि। आगै थैं सतगुर मिल्या, दीपक दीया हाथि॥ दीपक दीया तेल भरि, बाती दई साँच। पूरा किया बिसाहुणां, बहुरि न आँवौं हाट॥