बताओ तो किस-किसके लिए तुम दौड़ गये, करुणा के दृश्यों से हाय! मुँह मोड़ गये, बन गये पत्थर, बहुत-बहुत ज़्यादा लिया, दिया बहुत-बहुत कम, मर गया देश, अरे जीवित रह गये तुम! (UPSC 1990, 20 Marks, )

Enroll Now