बैठे मारुति देखते राम-चरणारविन्द युग ‘अस्ति-नास्ति’ के एक-रूप, गुण-गण-अनिन्द्य साधना-मध्य भी साम्य-वाम-कर दक्षिण-पद्‌ दखिण करतल पर वाम चरण, कपिवर गद्गद। (UPSC 2005, 20 Marks, )

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