“भगति हेतु बिधि भवन बिहाई, सुमिरत सारद आवति धाई” शास्त्रीय एवं व्यावहारिक दृष्टि से तुलसीदास की भक्ति का विवेचन कीजिए। (UPSC 1998, 55 Marks, )

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