काँपते हुए किसलय, --झरते पराग समुदय,-- गाते खग नव-जीवन-परिचय, तरु मलय-वलय, ज्योतिः प्रपात स्वर्गीय, --ज्ञात छवि प्रथम स्वीय-- 'जानकी-नयन-कमनीय प्रथम कम्पन तुरीय।
(UPSC 2021, 10 Marks, )
काँपते हुए किसलय, --झरते पराग समुदय,-- गाते खग नव-जीवन-परिचय, तरु मलय-वलय, ज्योतिः प्रपात स्वर्गीय, --ज्ञात छवि प्रथम स्वीय-- 'जानकी-नयन-कमनीय प्रथम कम्पन तुरीय।
काँपते हुए किसलय, --झरते पराग समुदय,-- गाते खग नव-जीवन-परिचय, तरु मलय-वलय, ज्योतिः प्रपात स्वर्गीय, --ज्ञात छवि प्रथम स्वीय-- 'जानकी-नयन-कमनीय प्रथम कम्पन तुरीय।
(UPSC 2021, 10 Marks, )