“सभी संस्थाओं के प्रति, समस्त रीतियों के प्रति, जीवन मात्र के प्रति विद्रोह क्रांतिकारी की स्वाभाविक प्रवृत्ति है।” - इस कथन के आलोक में शेखर के चरित्र की समीक्षा कीजिए। (UPSC 1998, 55 Marks, )

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