“‘महाभोज’ उपन्यास में हमारे वर्तमान समाज और राजनीति का नकारात्मक यथार्थ-वर्णन तो विश्वसनीय बन पड़ा है, लेकिन सकारात्मक पहलू हवाई आदर्श बन गया है।” — इस टिप्पणी के संदर्भ में तर्कपूर्ण पक्ष प्रस्तुत कीजिए।
(UPSC 2014, 15 Marks, )
“‘महाभोज’ उपन्यास में हमारे वर्तमान समाज और राजनीति का नकारात्मक यथार्थ-वर्णन तो विश्वसनीय बन पड़ा है, लेकिन सकारात्मक पहलू हवाई आदर्श बन गया है।” — इस टिप्पणी के संदर्भ में तर्कपूर्ण पक्ष प्रस्तुत कीजिए।
“‘महाभोज’ उपन्यास में हमारे वर्तमान समाज और राजनीति का नकारात्मक यथार्थ-वर्णन तो विश्वसनीय बन पड़ा है, लेकिन सकारात्मक पहलू हवाई आदर्श बन गया है।” — इस टिप्पणी के संदर्भ में तर्कपूर्ण पक्ष प्रस्तुत कीजिए।
(UPSC 2014, 15 Marks, )