गुरु जी, ऐसा तो संसार भर में कोई देस ही नहीं है। दो पैसा पास रहने ही से मज़े से पेट भरता है। मैं तो इस नगर को छोड़कर नहीं जाऊँगा। और जगह दिन भर माँगो तो भी पेट नहीं भरता। वरंच बाजे-बाजे दिन उपास करना पड़ता है। सो में तो यहीं रहूँगा।।
(UPSC 1998, 20 Marks, )