जाने दो, वह कवि-कल्पित था, मैंने तो भीषण जाड़ों में नभ-चुंबी कैलास शीर्ष पर, महामेघ को झंझानिल से गरज-गरज भिड़ते देखा है।
(UPSC 2019, 10 Marks, )
जाने दो, वह कवि-कल्पित था, मैंने तो भीषण जाड़ों में नभ-चुंबी कैलास शीर्ष पर, महामेघ को झंझानिल से गरज-गरज भिड़ते देखा है।
जाने दो, वह कवि-कल्पित था, मैंने तो भीषण जाड़ों में नभ-चुंबी कैलास शीर्ष पर, महामेघ को झंझानिल से गरज-गरज भिड़ते देखा है।
(UPSC 2019, 10 Marks, )