बौद्धिक वर्ग है कीतदास, किराये के विचारों का उद्भास। बड़े-बड़े चेहरों पर स्याहियां पुत गयीं। नपुंसक श्रद्धा सड़क के नीचे गटर में छिप गयी। कहीं आग लग गयी, कहीं गोली चल गयी। (UPSC 1981, 20 Marks, )

Enroll Now