“नागार्जुन अकाल को प्राकृतिक अभिशाप के रूप में कम, मानवीय अभिशाप के रूप में ज्यादा देखते हैं” -- इस कथन के आलोक में नागार्जुन के काव्य की समीक्षा कीजिए। (UPSC 2017, 15 Marks, )

“नागार्जुन अकाल को प्राकृतिक अभिशाप के रूप में कम, मानवीय अभिशाप के रूप में ज्यादा देखते हैं” -- इस कथन के आलोक में नागार्जुन के काव्य की समीक्षा कीजिए।