'सतसैया के दोहरे, ज्यों नावक के तीर, देखन में छोटे लगें, घाव करें गंभीर।’ इस दोहे के आलोक में बिहारी की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए। (UPSC 2009, 30 Marks, )

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