क्या समकालीन आलोचना तुलसीदास के काव्य की प्रगतिशीलता को अनदेखा कर रही है? उदाहरणों से पुष्ट युक्तियुक्त उत्तर दीजिए। (UPSC 2013, 25 Marks, )

क्या समकालीन आलोचना तुलसीदास के काव्य की प्रगतिशीलता को अनदेखा कर रही है? उदाहरणों से पुष्ट युक्तियुक्त उत्तर दीजिए।