पीछे लागा जाइ था, लोक बेद के साथि। आगैं थें सतगुरं मिल्या, दीपक दीया हाथि। दीपक दीया तेल भरि, बाती दई अघट्ट। पूरा किया बिसाहुणाँ, बहुरि न आवों हट्ट।। (UPSC 2003, 20 Marks, )

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