जैनेन्द्र कुमार का गद्य-लेखन व्यक्ति की गुम होती पहचान को उभारकर सामने रखता है - विवेचन कीजिए। (UPSC 2018, 15 Marks, )

जैनेन्द्र कुमार का गद्य-लेखन व्यक्ति की गुम होती पहचान को उभारकर सामने रखता है - विवेचन कीजिए।