'लीड काइंडली लाइट'—संगीत के सुर मानों एक ऊँची पहाड़ी पर चढ़कर हाँफती हुई साँसों को आकाश की अबाध शून्यता में बिखेरते हुए नीचे उतर रहे हैं। बारिश की मुलायम धूप चैपल के लंबे चौकोर शीशों पर झिलमिला रही है जिसकी एक महीन चमकीली रेखा ईसा-मसीह की प्रतिमा पर तिरछी होकर गिर रही है। (UPSC 2012, 12 Marks, )

Enroll Now