मुझे तुम्हारी इस कमअकली पर दुख होता है। जहीन हो, इसमें शक नहीं; लेकिन वह जहन किस काम का, जो हमारे आत्म-गौरव की हत्या कर डाले?। (UPSC 1999, 20 Marks, )

Enroll Now