“सूरदास में जितनी सहृदयता और भावुकता है, उतनी ही चतुरता और वाग्विदग्धता भी है।” “भ्रमरगीत” के आधार पर प्रमाणित कीजिए। (UPSC 1982, 55 Marks, )

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