विविध साहित्यिकवादों तथा प्रवृत्तियों से आधुनिक हिन्दी साहित्य की प्राण शक्ति का जो परिचय मिलता है, उसे सोदाहरण विश्लेषण कीजिए। (UPSC 1984, 60 Marks, )

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