1956 में स्वेज संकट की ओर ले जाने वाली घटनाएँ क्या थीं? इसने एक विश्व शक्ति के रूप में ब्रिटेन की आत्म-छवि को अंतिम झटका कैसे दिया
(UPSC 2014,10 Marks,)
What were the events that led to the Suez Crisis in 1956? How did it deal a final blow to Britain's self-image as a world power?
प्रस्तावना
1956 में स्वेज संकट (Suez Crisis) एक महत्वपूर्ण घटना थी जिसने एक विश्व शक्ति के रूप में ब्रिटेन की आत्म-छवि के पतन को चिह्नित किया। यह संकट के वर्षों में सामने आए घटनाओं की एक श्रृंखला का परिणाम था।
Explanation
Events that led to the Suez Crisis in 1956
1. **Suez Canal (सुएज़ नहर) का राष्ट्रीयकरण:** जुलाई 1956 में, मिस्र के राष्ट्रपति गमाल अब्देल नासर ने सुएज़ नहर का राष्ट्रीयकरण किया, जो ब्रिटिश और फ्रांसीसी नियंत्रण में थी। इस कदम का उद्देश्य असवान हाई डैम (Aswan High Dam) के निर्माण के लिए धन जुटाना और नहर पर मिस्र की संप्रभुता को स्थापित करना था। 2. **अंग्रेज़-मिस्र वार्ता विफल:** सुएज़ नहर संकट को हल करने के लिए ब्रिटेन और मिस्र के बीच कूटनीतिक वार्ता विफल रही। ब्रिटेन, फ्रांस और इज़राइल ने नहर पर नियंत्रण पुनः प्राप्त करने के लिए सैन्य कार्रवाई पर विचार करना शुरू कर दिया। 3. **ब्रिटेन, फ्रांस और इज़राइल के बीच गुप्त साठगांठ:** अक्टूबर 1956 में, ब्रिटेन, फ्रांस और इज़राइल के बीच एक गुप्त समझौता हुआ। इज़राइल मिस्र पर आक्रमण करेगा, जिससे ब्रिटेन और फ्रांस को "शांति रक्षक" के रूप में हस्तक्षेप करने और नहर पर नियंत्रण पुनः प्राप्त करने का बहाना मिलेगा। 4. **मिस्र पर इज़राइली आक्रमण:** 29 अक्टूबर 1956 को, इज़राइल ने मिस्र के सिनाई प्रायद्वीप पर अचानक हमला किया, तेजी से जमीन हासिल की और सुएज़ नहर को खतरे में डाल दिया। 5. **ब्रिटिश और फ्रांसीसी हस्तक्षेप:** योजना के अनुसार, ब्रिटेन और फ्रांस ने मिस्र और इज़राइल दोनों को एक अल्टीमेटम जारी किया, जिसमें युद्धविराम और बलों की वापसी की मांग की गई। जब उनकी मांगें खारिज कर दी गईं, तो उन्होंने 5 नवंबर 1956 को मिस्र के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया। 6. **अंतरराष्ट्रीय निंदा:** सुएज़ संकट ने अंतरराष्ट्रीय आक्रोश को जन्म दिया, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका और सोवियत संघ ने ब्रिटिश, फ्रांसीसी और इज़राइली कार्रवाइयों की निंदा की। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने तत्काल युद्धविराम और विदेशी सैनिकों की वापसी का आह्वान करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। 7. **ब्रिटेन पर आर्थिक दबाव:** संयुक्त राज्य अमेरिका, मध्य पूर्व की स्थिरता और अपने तेल हितों पर संकट के प्रभाव के बारे में चिंतित होकर, ब्रिटेन पर आर्थिक दबाव डाला, अपने स्टर्लिंग भंडार बेचने की धमकी दी। इसने ब्रिटेन को अपनी सैन्य कार्रवाइयों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया। 8. **युद्धविराम और वापसी:** बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के तहत, ब्रिटेन, फ्रांस और इज़राइल ने युद्धविराम पर सहमति व्यक्त की और 22 दिसंबर 1956 तक अपनी सेनाओं को मिस्र से वापस ले लिया।
How it dealt a final blow to Britain's self-image as a world power
1. **असफल सैन्य हस्तक्षेप:** स्वेज संकट (Suez Crisis) ने ब्रिटेन की सैन्य शक्ति की सीमाओं और अंतरराष्ट्रीय समर्थन के बिना एकतरफा कार्रवाई करने की उसकी अक्षमता को उजागर किया। सैन्य अभियान अंततः असफल रहा, जिससे ब्रिटेन की क्षमताओं में कमी का पता चला। 2. **अंतरराष्ट्रीय निंदा:** स्वेज संकट के दौरान ब्रिटेन की कार्रवाइयों की कड़ी अंतरराष्ट्रीय निंदा ने एक वैश्विक शक्ति के रूप में उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया। विशेष रूप से, संयुक्त राज्य अमेरिका (United States) ने ब्रिटेन से दूरी बना ली, जिससे शक्ति संतुलन में बदलाव का संकेत मिला। 3. **आर्थिक दबाव:** संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा डाले गए आर्थिक दबाव ने ब्रिटेन की आर्थिक कमजोरी और उसके पूर्व उपनिवेशों और सहयोगियों पर निर्भरता को उजागर किया। इससे ब्रिटेन की आत्मनिर्भर और प्रमुख विश्व शक्ति की धारणा कमजोर हुई। 4. **मध्य पूर्व में प्रभाव का नुकसान:** स्वेज संकट ने मध्य पूर्व में ब्रिटेन के प्रभाव में एक महत्वपूर्ण मोड़ ला दिया। संकट ने दिखाया कि ब्रिटेन अब क्षेत्र में घटनाओं को नियंत्रित नहीं कर सकता और उसका औपनिवेशिक युग समाप्त हो रहा था। 5. **वैश्विक शक्ति गतिशीलता में बदलाव:** स्वेज संकट ने संयुक्त राज्य अमेरिका और सोवियत संघ (Soviet Union) के प्रमुख वैश्विक शक्तियों के रूप में उभरने को उजागर किया। संकट में अपने हितों को सुरक्षित करने में ब्रिटेन की विफलता ने विश्व मंच पर उसकी घटती भूमिका को और अधिक स्पष्ट किया। 6. **संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ "विशेष संबंध" को नुकसान:** स्वेज संकट ने ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच "विशेष संबंध" को तनावपूर्ण बना दिया। संयुक्त राज्य अमेरिका ने ब्रिटेन की कार्रवाइयों को विश्वासघात के रूप में देखा और इसे घटती शक्ति के रूप में देखना शुरू किया, जिससे उसका ध्यान अन्य यूरोपीय देशों के साथ मजबूत गठबंधनों की ओर स्थानांतरित हो गया। 7. **घरेलू राजनीतिक परिणाम:** स्वेज संकट ने ब्रिटेन में एक राजनीतिक संकट को जन्म दिया, जिसमें प्रधानमंत्री एंथनी ईडन (Anthony Eden) ने 1957 में इस्तीफा दे दिया। इससे एक स्थिर और प्रभावी विश्व शक्ति के रूप में ब्रिटेन की आत्म-छवि को और कमजोर कर दिया। 8. **उपनिवेशवाद का तेजी से अंत:** स्वेज संकट ने उपनिवेशवाद की प्रक्रिया को तेज कर दिया, क्योंकि इसने दिखाया कि औपनिवेशिक शक्तियां अब अपने पूर्व क्षेत्रों पर नियंत्रण बनाए नहीं रख सकतीं। इससे एक वैश्विक साम्राज्य के रूप में ब्रिटेन की आत्म-छवि और अधिक क्षीण हो गई
निष्कर्ष
1956 में स्वेज संकट (Suez Crisis) ब्रिटेन की विश्व शक्ति के रूप में आत्म-छवि के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ था। स्वेज संकट (Suez Crisis) में अंतिम विफलता और अपमान ने एक वैश्विक शक्ति के रूप में ब्रिटेन की आत्म-छवि को चकनाचूर कर दिया, जो एक युग के अंत को चिह्नित करता है