नदियों का आपस में जोड़ना सूखे, बाढ़ और बाधित नौवहन की बहु-आयामी परस्पर संबंधित समस्याओं के लिए व्यवहार्य समाधान प्रदान कर सकता है। समालोचनात्मक परीक्षण करें। (UPSC 2020,15 Marks,)

The interlinking of rivers can provide viable solutions to the multi-dimensional inter-related problems of droughts, floods and interrupted navigation. Critically examine.

प्रस्तावना

नदियों का इंटरलिंकिंग (interlinking) एक अवधारणा है जिसमें विभिन्न नदियों को नहरों और जलाशयों के नेटवर्क के माध्यम से जोड़ा जाता है। इस दृष्टिकोण का उद्देश्य जल प्रबंधन से संबंधित विभिन्न चुनौतियों का समाधान करना है, जिसमें सूखा, बाढ़ और बाधित नौवहन शामिल हैं।

Explanation

Thinkers Views on Interlinking of Rivers

  •   मेधा पाटकर: नदियों के इंटरलिंकिंग (interlinking) का विरोध पारिस्थितिकीय (ecological) और सामाजिक चिंताओं के कारण। तर्क देती हैं कि नदियों का इंटरलिंकिंग पर्यावरणीय (environmental) क्षरण, समुदायों का विस्थापन, और आजीविका की हानि का कारण बन सकता है।
  •   मिहिर शाह: उचित योजना और शासन के साथ नदियों के इंटरलिंकिंग (interlinking) का समर्थन। मानते हैं कि नदियों का इंटरलिंकिंग जल की कमी को दूर करने और सिंचाई और पीने के लिए जल उपलब्धता में सुधार करने में मदद कर सकता है।

Interlinking of Rivers: A Solution to Droughts

1. **जल स्थानांतरण (Water transfer):** नदियों को आपस में जोड़ने से जल अधिशेष क्षेत्रों से सूखा-प्रवण क्षेत्रों में जल का स्थानांतरण संभव होता है, जिससे जल संसाधनों का अधिक समान वितरण सुनिश्चित होता है। 2. **भूजल पुनर्भरण (Groundwater recharge):** बाढ़-प्रवण क्षेत्रों से जल की अधिकता को जल-संकटग्रस्त क्षेत्रों की ओर मोड़कर, नदियों को जोड़ने से भूजल स्तर को पुनः भरने में मदद मिल सकती है, जिससे सूखे के प्रभाव को कम किया जा सकता है। 3. **सिंचाई समर्थन (Irrigation support):** नदियों के आपस में जुड़ने से कृषि उद्देश्यों के लिए जल की उपलब्धता में वृद्धि होती है, जिससे सूखा प्रभावित क्षेत्रों के किसान अपनी फसलों और आजीविका को बनाए रख सकते हैं। 4. **जलविद्युत उत्पादन (Hydroelectric power generation):** आपस में जुड़ी नदी प्रणाली जलविद्युत क्षमता का उपयोग कर सकती है, जिससे सूखे के दौरान बिजली का एक विश्वसनीय स्रोत उपलब्ध होता है। 5. **सुधरी हुई जल आपूर्ति (Improved water supply):** नदियों को जोड़ने से सूखा-प्रवण क्षेत्रों में पीने के पानी की उपलब्धता में सुधार हो सकता है, जिससे जनसंख्या की बुनियादी जरूरतें पूरी होती हैं।

Interlinking of Rivers: A Solution to Floods

  •   बाढ़ का पानी मोड़ना (Floodwater diversion): नदियों को आपस में जोड़ने से अतिरिक्त बाढ़ के पानी को जलाशयों या अन्य जल निकायों की ओर मोड़ा जा सकता है, जिससे बाढ़-प्रवण क्षेत्रों में जलभराव को रोका जा सकता है और बुनियादी ढांचे और आजीविका को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।
  •   बाढ़ नियंत्रण बुनियादी ढांचा (Flood control infrastructure): आपस में जुड़ी नदी प्रणाली में बाढ़ नियंत्रण संरचनाएं जैसे कि बांध, तटबंध और लेवी (levees) शामिल हो सकते हैं, जो भारी वर्षा के दौरान जल प्रवाह को प्रभावी ढंग से प्रबंधित और नियंत्रित कर सकते हैं।
  •   जल भंडारण क्षमता (Water storage capacity): नदियों को आपस में जोड़ने से कुल भंडारण क्षमता बढ़ जाती है, जिससे बाढ़ के समय में अतिरिक्त पानी को रोका जा सकता है और सूखे समय में इसे नियंत्रित तरीके से छोड़ा जा सकता है।
  •   कटाव रोकथाम (Erosion prevention): जल प्रवाह को नियंत्रित करके, नदियों को आपस में जोड़ने से अत्यधिक बाढ़ के कारण होने वाले मिट्टी के कटाव को रोका जा सकता है, जिससे उपजाऊ भूमि और पारिस्थितिक तंत्र की सुरक्षा होती है।
  •   नेविगेशन बुनियादी ढांचा (Navigation infrastructure): नदियों को आपस में जोड़ने से नेविगेशन में सुधार हो सकता है, जिससे जल स्तर को स्थिर बनाए रखा जा सकता है, माल के परिवहन में कोई रुकावट नहीं आती और बाढ़ के आर्थिक प्रभाव को कम किया जा सकता है।
  •   बाढ़ पूर्वानुमान और प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (Flood forecasting and early warning systems): आपस में जुड़ी नदी प्रणाली में उन्नत निगरानी प्रौद्योगिकियों को एकीकृत किया जा सकता है, जिससे सटीक बाढ़ पूर्वानुमान और संवेदनशील समुदायों को समय पर चेतावनी का प्रसार संभव हो सके।

Interlinking of Rivers: A Solution to Interrupted Navigation

1. **समान जल स्तर बनाए रखना:** नदियों का Interlinking (अंतर-संबंध) जल के निरंतर और नियमित प्रवाह को सुनिश्चित करता है, जिससे जल स्तर के कम या अधिक होने के कारण नेविगेशन में बाधा नहीं आती। 2. **बेहतर कनेक्टिविटी:** Interconnected (अंतर-संबद्ध) नदी प्रणाली विभिन्न नदी बेसिनों के बीच जहाजों की निर्बाध आवाजाही की अनुमति देती है, जिससे क्षेत्रीय और राष्ट्रीय कनेक्टिविटी में सुधार होता है। 3. **परिवहन लागत में कमी:** नदियों का Interlinking (अंतर-संबंध) परिवहन लागत को कम कर सकता है, क्योंकि यह एक विश्वसनीय और कुशल परिवहन का साधन प्रदान करता है, जिससे सड़क या रेल नेटवर्क पर निर्भरता कम होती है। 4. **व्यापार के अवसरों में वृद्धि:** नदियों के Interlinking (अंतर-संबंध) से सुगम नेविगेशन व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा दे सकता है, जिससे आर्थिक विकास और क्षेत्रीय एकीकरण को प्रोत्साहन मिलता है। 5. **पर्यटन विकास:** Interconnected (अंतर-संबद्ध) नदी प्रणाली नदी क्रूज और मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से पर्यटकों को आकर्षित कर सकती है, जिससे पर्यटन क्षेत्र की वृद्धि होती है और रोजगार के अवसर उत्पन्न होते हैं।

Case Studies

  •   Ken-Betwa River Link Project: यह परियोजना मध्य प्रदेश में केन नदी से उत्तर प्रदेश में बेतवा नदी तक अतिरिक्त पानी स्थानांतरित करने का लक्ष्य रखती है। इसका उद्देश्य बुंदेलखंड क्षेत्र में जल की कमी को दूर करना, सूखे को कम करना और क्षेत्र को सिंचाई के लाभ प्रदान करना है।
  •   Godavari-Krishna River Linking: यह इंटरलिंकिंग परियोजना आंध्र प्रदेश में गोदावरी नदी से कृष्णा नदी तक पानी स्थानांतरित करने का लक्ष्य रखती है। इसका उद्देश्य कृष्णा बेसिन में जल की कमी को दूर करना, सिंचाई की क्षमता को बढ़ाना और गोदावरी डेल्टा क्षेत्र में बाढ़ को कम करना है।
  •   South-North Water Transfer Project, China: यह मेगा-परियोजना दक्षिणी चीन में जल-समृद्ध यांग्त्ज़ी नदी से जल-की कमी वाले उत्तरी क्षेत्रों, जिसमें बीजिंग शामिल है, तक पानी मोड़ने का कार्य करती है। इसका उद्देश्य जल की कमी को दूर करना, कृषि विकास का समर्थन करना और उत्तर में बढ़ती जल मांग को पूरा करना है।
  •   Rhine-Meuse Delta Project, Netherlands: यह परियोजना डेल्टा क्षेत्र में जल स्तरों का प्रबंधन करने, बाढ़ को रोकने और नौवहन को बढ़ाने के लिए राइन और म्यूज नदियों को इंटरलिंक करने का लक्ष्य रखती है। इसमें बांधों, नहरों और बाढ़ सुरक्षा उपायों का निर्माण शामिल है।
  •   Lesotho Highlands Water Project, Southern Africa: यह परियोजना जल-समृद्ध लेसोथो हाइलैंड्स से जल-की कमी वाले गौतेंग क्षेत्र में दक्षिण अफ्रीका तक पानी स्थानांतरित करने का कार्य करती है। इसका उद्देश्य जल की कमी को दूर करना, औद्योगिक और घरेलू उपयोग के लिए पानी प्रदान करना और जलविद्युत (hydropower) उत्पन्न करना है।

निष्कर्ष

नदियों का इंटरलिंकिंग (interlinking) सूखे, बाढ़ और बाधित नेविगेशन (navigation) की बहु-आयामी चुनौतियों का समाधान प्रदान करता है। जल स्थानांतरण, बाढ़ नियंत्रण, बेहतर नेविगेशन (navigation), और पारिस्थितिक संतुलन जैसे समाधान प्रदान करके, नदियों का इंटरलिंकिंग (interlinking) सतत जल प्रबंधन और क्षेत्रीय विकास में योगदान कर सकता है।